-
239
छात्र -
241
छात्राएं -
23
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
सुश्री मेनाक्षी जैन
उप आयुक्त
यह गहरी ज़िम्मेदारी और उम्मीद की भावना है कि मैं इस डिजिटल पोर्टल के माध्यम से आप सभी से जुड़ रही हूँ । भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय संगठन लंबे समय से शैक्षणिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के एक प्रकाश स्तंभ के रूप में स्थापित रहा है । पश्चिम बंगाल और सिक्किम के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और भौगोलिक रूप से विविध क्षेत्रों में फैले हमारे इस जीवंत संभाग के अंतर्गत, 64 केंद्रीय विद्यालय भविष्य के नायकों को निखारने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं । शिक्षा कोई एकाकी साधना नहीं है; यह एक सामूहिक यात्रा है । जैसे-जैसे हम 21वीं सदी के बदलते तौर-तरीकों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, हमारी सफलता हमारे सामूहिक प्रयासों पर टिकी हुई है । मैं प्रत्येक हितधारक—हमारे समर्पित शिक्षकों, सहयोगी अभिभावकों और परिश्रमी छात्रों—का आह्वान करती हूँ कि वे एक साझा ऊर्जा के साथ एकजुट हों । हमें मिलकर एक ऐसे वातावरण को बढ़ावा देना चाहिए जहाँ जिज्ञासा को बढ़ावा मिले, चरित्र का निर्माण हो और क्षमताओं को पूरी तरह से साकार किया जा सके । अपनी आगे की यात्रा को दिशा देने के लिए, हम अपने संस्थागत लक्ष्यों को चार महत्वपूर्ण स्तंभों पर केंद्रित कर रहे हैं: एनईपी (NEP) 2020 का प्रभावी कार्यान्वयन: अपनी दैनिक कक्षाओं में बहुभाषावाद, गणितीय सोच और 21वीं सदी के कौशल को शामिल करके, हमारा क्षेत्र शिक्षण पद्धति को रटने की प्रणाली से बदलकर योग्यता-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षण की ओर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है । नवाचार के अग्रदूत – पीएम श्री (PM SHRI) स्कूल: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो एनईपी 2020 के पूरे परिदृश्य को प्रदर्शित करते हैं । पर्यावरण के अनुकूल परिसरों, अत्याधुनिक स्मार्ट कक्षाओं और आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ, ये स्कूल क्षेत्र के संपूर्ण शैक्षिक परिवेश का मार्गदर्शन करेंगे और इसे ऊपर उठाएंगे बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक पुनरुत्थान: हम सभी 64 विद्यालयों में भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे को निरंतर अपग्रेड करने के लिए प्रतिबद्ध हैं । इसके समानांतर, हमारे संकाय (शिक्षकों) को उन्नत शिक्षण उपकरणों से सशक्त बनाने के लिए मजबूत सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि हमारी शैक्षणिक गुणवत्ता अद्वितीय बनी रहे । शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या के मानकों को ऊंचा उठाना: अपने बोर्ड परिणामों में मात्रात्मक और गुणात्मक सुधार हासिल करने के साथ-साथ, हम यह देखने की आकांक्षा रखते हैं कि हमारे छात्र खेल, कला, विज्ञान प्रदर्शनियों, युवा संसदों और अन्य गतिविधियों में नई ऊंचाइयों को छुएं, तथा शैक्षणिक कठोरता और सह-पाठ्यचर्या की उत्कृष्टता के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करें । शिक्षा मनुष्य में पहले से मौजूद पूर्णता की अभिव्यक्ति है। इस दर्शन से प्रेरित होकर, आइए हम अपने विद्यालयों को उद्देश्यपूर्ण शिक्षण और नवाचार के पवित्र धामों में बदलने का संकल्प लें। जय हिंद । मीनाक्षी जैन उपायुक्त के वि सं क्षेत्रीय कार्यालय, कोलकाता
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महेश चंद मीना
प्रभारी प्राचार्य
"शिक्षा का उद्देश्य केवल तथ्यों को सीखना नहीं है, बल्कि मन को प्रशिक्षित करना है।" केन्द्रीय विद्यालय बोलपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। एक प्रभारी प्राचार्य के रूप में, मेरा प्राथमिक उद्देश्य विद्यालय की उस गरिमा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बनाए रखना है जिसके लिए केन्द्रीय विद्यालय संगठन जाना जाता है। हमारा विद्यालय केवल एक भवन नहीं है, बल्कि एक ऐसा जीवंत केंद्र है जहाँ हम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। हमारी प्राथमिकताएं: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: आधुनिक तकनीक और नवाचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना।
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"माननीय संयुक्त आयुक्त (कार्मिक) श्री नागेंद्र गोयल का केंद्रीय विद्यालय बोलपुर का दौरा।"